लौ

पढ़-पढ़ कर तुझको मैंने प्रेयसी लिखे तो वैसे पन्ने सौ, पर फिर भी दिल में जलती है इश्क-ए-कलम की देखो लौ ।। तुम सागर जैसे प्रेम का… Read more “लौ”

सफर

बेअसर से हो रहे वो शब्द सालों जिन्होंने समझाया मुझे, राह खत्म जो होने को है नई राह के मायने बताया मुझे । एक हसीन सफर के… Read more “सफर”

लोरी

सजा ली है बाँहें मैंने तुझको सुलाने की खातिर, पुकार है तुझको ऐ प्रेयसी वक्त न बन जाए कहीं शातिर । आलिंगन करके तेरा मुझमें बाहों की… Read more “लोरी”