शक्ति

मुझे शक्ति देना ऐ खुदाया ।।

डूब रहा हूँ जब कभी

दलदल की गहराई में,

पकड़ लूँ मैं उनका दामन

हर अंधेरी परछाई में ।

दामन में उन्होंने बांधा ऐसा

दलदल कोई न डुबा पाया,

मुझे शक्ति देना ऐ खुदाया ।।

उनके प्रेम की शक्ति हमेशा

प्रबल बनी रहे मुझ पर,

इस संसार में बाद उनके

मुझे भरोसा है तुझपर ।

अडिग है वो चट्टान जिसे

तूने अपनी अंगुली पर उठाया,

मुझे शक्ति देना ऐ खुदाया ।।

जो बनने की एक ख्वाहिश है

कम कभी ना होने पाए,

मौसम चाहे कोई भी हो

रितुएँ तो बस आए जाए ।

जब ठोकर खाकर संभलू मैं

कोई तूफान मुझे ना हिला पाया,

मुझे शक्ति देना ऐ खुदाया ।।

प्रेयसी तू ही खुदा है मेरा

मैंने तुझको पूजा है,

तेरी जैसी दुनिया में

अक्स नहीं कोई दूजा है ।

तेरे प्रेम-भक्ति की ताकत हो

मैं पहुँचूँ जहां कोई पहुँच न पाया,

मुझे शक्ति देना ऐ खुदाया ।।

..S

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