..दो

मत बहना ऐ अश्कों तुम संग खुशियाँ हमें बाँटने दो, जो पल है ये मोहब्बत के हमें मोहब्बत से काटने दो ।। ना आना तुम उन बातों… Read more “..दो”

अतीत

भावी कल की उम्मीद है ऐसी अतीत का शोक ढल जाता है, डूबता हूँ अक्सर तेरे दरिया में और तू ही किनारे लाता है । मैं लाख… Read more “अतीत”

तप

बनकर यादों की एक नदिया वो पल मुझमें बहते हैं, चलो फिर से लौट चलें यही हरदम कहते हैं । मैं खड़ा सुन्न बस देख रहा तू… Read more “तप”